India-Bhutan Ties Deepen : Introduction
Prime Minister Narendra Modi on Tuesday announced that India will establish a new immigration checkpoint near Gelephu in Bhutan to boost travel and investment. During his two-day state visit, he also inaugurated the 1,020 MW Punatsangchhu-II Hydroelectric Project, marking a new chapter in India-Bhutan cooperation.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत भूटान के Gelephu (गेलेफू) के पास एक नया इमिग्रेशन चेकपॉइंट बनाएगा, जिससे यात्रा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। अपने दो दिवसीय भूटान दौरे के दौरान उन्होंने 1,020 मेगावाट के पुनातसांगछू-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जो भारत-भूटान साझेदारी का एक नया अध्याय है।
Strengthening Connectivity and Cooperation
Addressing a public gathering at Changlimethang Ground in Thimphu, PM Modi said the “progress and prosperity of India and Bhutan are connected to each other.” The Gelephu checkpoint will support Bhutan’s ambitious Gelephu Mindfulness City Project, an upcoming economic and spiritual hub developed with Indian assistance.
थिम्फू के Changlimethang Ground पर जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “भारत और भूटान की प्रगति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।” यह नया Gelephu Checkpoint भूटान के Mindfulness City Project को मजबूती देगा, जिसे भारत की सहायता से एक आर्थिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

India is also developing two cross-border railway projects — Kokrajhar-Gelephu and Banarhat-Samtse — worth Rs 4,033 crore, expected to significantly improve regional trade and connectivity.
भारत दो cross-border railway projects – Kokrajhar-Gelephu और Banarhat-Samtse – पर काम कर रहा है, जिनकी कुल लागत ₹4,033 करोड़ है। इनसे क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा होगा।
Hydroelectric Power Boost for Bhutan
Modi and Bhutan’s King Jigme Khesar Namgyel Wangchuck jointly inaugurated the Punatsangchhu-II Hydroelectric Project, which will increase Bhutan’s hydropower capacity by 40%. The surplus electricity will be exported to India, strengthening sustainable energy cooperation between the two nations.
मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने संयुक्त रूप से Punatsangchhu-II Hydroelectric Project का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट भूटान की ऊर्जा क्षमता को 40% तक बढ़ाएगा। अतिरिक्त बिजली भारत को निर्यात की जाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच सस्टेनेबल एनर्जी पार्टनरशिप और मजबूत होगी।

India’s Ambassador to Bhutan, Sandeep Arya, said the project represents “a new chapter in clean and green energy cooperation between India and Bhutan.”
भारत के भूटान में राजदूत संदीप आर्य ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत और भूटान के बीच “स्वच्छ और हरित ऊर्जा सहयोग का नया अध्याय” है।
Economic and Cultural Partnership
India has contributed Rs 10,000 crore to Bhutan’s Five-Year Plan, supporting infrastructure projects in roads, agriculture, healthcare, and digital transformation.
भारत ने भूटान की Five-Year Plan के लिए ₹10,000 करोड़ की सहायता दी है, जिससे सड़कों, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बल मिलेगा।
Modi also announced that land in Varanasi will be provided for building a Bhutanese temple and guest house, deepening cultural and spiritual ties.
मोदी ने यह भी घोषणा की कि वाराणसी में भूटानी मंदिर और गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए भूमि दी जाएगी, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्ते और गहरे होंगे।
Technology and Digital Expansion
India and Bhutan are expanding cooperation in space technology, developing a joint satellite project following the successful India-Bhutan SAT launch in 2022.
भारत और भूटान अब स्पेस टेक्नोलॉजी में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। 2022 में India-Bhutan SAT की सफलता के बाद दोनों देश अब एक संयुक्त सैटेलाइट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
Modi also announced the expansion of UPI digital payment services, enabling Bhutanese citizens to use UPI in India easily.
मोदी ने UPI डिजिटल पेमेंट सिस्टम को भूटान के नागरिकों के लिए भारत में उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे सीमा पार लेनदेन और यात्राओं में आसानी होगी।
Global Peace Festival and Buddha Relics
During his visit, Modi attended the Global Peace Prayer Festival and offered prayers at Tashichhodzong, where the Sacred Piprahwa Relics of Lord Buddha from India are enshrined for public viewing until November 18.
अपने दौरे के दौरान मोदी ने Global Peace Prayer Festival में भाग लिया और Tashichhodzong में पूजा की, जहां भारत से लाए गए भगवान बुद्ध के Piprahwa Relics 18 नवंबर तक सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे गए हैं।
The visit coincided with the 70th birthday celebrations of Bhutan’s Fourth King, Jigme Singye Wangchuck, reflecting the timeless friendship between India and Bhutan.
यह यात्रा भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन के अवसर पर हुई, जो भारत-भूटान की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती का प्रतीक है।
India-Bhutan Ties Deepen Conclusion: A New Era in India-Bhutan Relations
PM Modi’s visit to Bhutan marks the beginning of a new era of cooperation — combining energy, connectivity, culture, and technology. Together, the two Himalayan neighbors are shaping a future of peace, growth, and shared prosperity.
भूटान की यह यात्रा भारत और भूटान के बीच सहयोग के एक नए युग की शुरुआत है — जिसमें ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और तकनीक सभी शामिल हैं। दोनों देश मिलकर शांति, विकास और साझा समृद्धि का भविष्य गढ़ रहे हैं।