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On-Grid vs Off-Grid Solar System: Difference, Benefits & Best Option for India (2025)

On-Grid vs Off-Grid Solar System

On-Grid vs Off-Grid Solar System – Introduction | परिचय

भारत में बिजली की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा की जरूरतों के चलते अब लोग तेजी से सोलर सिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन जब कोई सोलर पैनल लगाने की सोचता है, तो सबसे बड़ा सवाल आता है — On-Grid और Off-Grid सिस्टम में क्या अंतर है और कौन सा बेहतर रहेगा?


With rising electricity bills and growing energy demands, more people in India are switching to solar power systems. However, the first big question most buyers face is — what’s the difference between On-Grid and Off-Grid solar systems, and which one suits you best?


What is an On-Grid Solar System? | ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है?

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम बिजली ग्रिड से जुड़ा होता है। इसका मतलब है कि जब आपके सोलर पैनल बिजली बनाते हैं, तो आप उसका उपयोग अपने घर में कर सकते हैं और अगर बिजली ज्यादा बनती है, तो उसे बिजली विभाग के ग्रिड में भेज सकते हैं


An on-grid solar system is connected to the government or utility power grid. This means that the electricity your solar panels generate can be used in your home, and any extra electricity can be sent back to the grid.


How It Works | यह कैसे काम करता है

दिन में जब सूरज की रोशनी होती है, तब सोलर पैनल बिजली पैदा करते हैं। यह बिजली पहले आपके घर में उपयोग होती है। अगर उत्पादन ज़रूरत से ज़्यादा होता है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेज दी जाती है।

What is an On-Grid Solar System?


During the daytime, solar panels generate power using sunlight. The electricity first powers your home, and if production exceeds your usage, the excess is exported to the grid through net metering.


Benefits of On-Grid Solar System | ऑन-ग्रिड सिस्टम के फायदे

  1. कम लागत: इसमें बैटरी नहीं लगती, इसलिए लागत कम होती है।
  2. नेट मीटरिंग का लाभ: जो बिजली आप ग्रिड में भेजते हैं, उसका क्रेडिट आपको बिल में मिलता है।
  3. लो मेंटेनेंस: इसमें बैटरी नहीं होती, इसलिए देखभाल आसान होती है।
  4. शहरों के लिए आदर्श: जहां बिजली नियमित रूप से आती है, वहां यह सबसे अच्छा विकल्प है।

  1. Low Cost: No batteries required, so installation is cheaper.
  2. Net Metering Benefit: You earn credits for excess power sent to the grid.
  3. Low Maintenance: Fewer components mean less upkeep.
  4. Perfect for Urban Areas: Best suited for cities with stable grid supply.

Drawbacks of On-Grid System | ऑन-ग्रिड सिस्टम की कमियां

इस सिस्टम की एक बड़ी कमी यह है कि अगर बिजली चली जाती है (पावर कट), तो आपका सोलर सिस्टम भी बंद हो जाता है क्योंकि यह ग्रिड से जुड़ा होता है।


The biggest drawback is that during a power cut, your solar system shuts down automatically since it’s connected to the main grid for safety reasons.


What is an Off-Grid Solar System? | ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है?

ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पूरी तरह से स्वतंत्र होता है। यह किसी ग्रिड से जुड़ा नहीं होता, बल्कि इसमें बैटरियों के ज़रिए बिजली को स्टोर किया जाता है।


An off-grid solar system is completely independent of the power grid. It uses batteries to store the electricity produced by solar panels.


How It Works | यह कैसे काम करता है

सोलर पैनल दिन के समय बिजली बनाते हैं और वह बिजली बैटरी में स्टोर होती है। रात में या जब सूरज नहीं निकलता, तो वही बिजली बैटरी से घर में सप्लाई होती है।

What is an Off-Grid Solar System?


During the day, solar panels generate power which is stored in batteries. At night or on cloudy days, your home runs on the stored energy.


Benefits of Off-Grid Solar System | ऑफ-ग्रिड सिस्टम के फायदे

  1. पावर बैकअप: बिजली कट जाने पर भी आपका घर चलता रहेगा।
  2. स्वतंत्रता: यह ग्रिड पर निर्भर नहीं रहता।
  3. रिमोट एरिया के लिए परफेक्ट: जहां बिजली नहीं पहुंचती, वहां यह सबसे बेहतर विकल्प है।

  1. Backup Power: Works even during power cuts.
  2. Energy Independence: No reliance on grid electricity.
  3. Ideal for Remote Areas: Perfect for villages or areas without power lines.

Drawbacks of Off-Grid System | ऑफ-ग्रिड सिस्टम की कमियां

इसमें बैटरी की लागत ज़्यादा होती है और उन्हें समय-समय पर बदलना पड़ता है। अगर बैटरी फुल हो जाए और उपयोग कम हो, तो बिजली बर्बाद हो जाती है।


It has high battery costs and requires regular maintenance or replacement. If the batteries are full and usage is low, excess electricity goes unused.


What is a Hybrid Solar System? | हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्या है?

हाइब्रिड सिस्टम में ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों की खूबियाँ होती हैं। यह ग्रिड से जुड़ा रहता है लेकिन इसमें बैकअप के लिए बैटरी भी होती है।


A hybrid system combines the benefits of both on-grid and off-grid setups. It’s connected to the grid but also includes a battery backup for power cuts.


Comparison Table | तुलना सारणी

Feature (विशेषता)On-GridOff-GridHybrid
Grid ConnectionYesNoYes
Battery RequiredNoYesYes
Power BackupNoYesYes
CostLowHighModerate
MaintenanceLowModerateModerate
Best ForUrban homesRemote areasCities with power cuts

Which One Should You Choose? | कौन सा सिस्टम चुनना चाहिए?

अगर आप शहर में रहते हैं और बिजली कट बहुत कम होती है, तो On-Grid सिस्टम सबसे सही है क्योंकि यह सस्ता है और बिल बचाने में मदद करता है।
If you live in a city with stable power supply, on-grid solar is your best option — it’s affordable and reduces your bills significantly.

लेकिन अगर आप गाँव या ऐसी जगह पर रहते हैं जहां बिजली अक्सर जाती है, तो Off-Grid सिस्टम बेहतर रहेगा क्योंकि यह बैकअप देता है।
However, if you live in a rural area with frequent outages, off-grid is more practical since it provides backup power.


On-Grid vs Off-Grid Solar System Conclusion | निष्कर्ष

आज के समय में सोलर एनर्जी सिर्फ एक विकल्प नहीं बल्कि एक ज़रूरत बन चुकी है। सही सिस्टम का चुनाव आपके बजट, लोकेशन और जरूरतों पर निर्भर करता है।


In today’s world, solar energy isn’t just an option — it’s a necessity. The right choice depends on your budget, location, and energy needs.

How to Apply for Solar Subsidy | आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:https://consumer.pmsuryaghar.gov.in/consumer/#/login
  2. “Apply for Rooftop Solar” पर क्लिक करें।
  3. अपनी राज्य बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) चुनें।
  4. KYC और बिजली कनेक्शन की जानकारी भरें।
  5. MNRE-approved vendor से सोलर सिस्टम इंस्टॉल करवाएं।
  6. डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण के बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।

Steps in English:

  1. Visit the official portal https://consumer.pmsuryaghar.gov.in/consumer/#/login
  2. Click “Apply for Rooftop Solar.”
  3. Select your state DISCOM (distribution company).
  4. Fill in your KYC and electricity details.
  5. Get your solar system installed by an MNRE-approved vendor.
  6. After verification, the subsidy amount is directly credited to your bank account.

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